रचना संसार
मेरे शब्दों का संसार .....
Thursday, July 29, 2010
आज़ादी
बीते कल की बात -
नेताजी ने कहा
तुम मुझे दो खून
मैं दूंगा तुम्हें
आज़ादी...
और,
आज की बात -
नेताजी मांगते नहीं
पूरे अधिकार से
ज़बरन/बेहिचक
खून
चूस लेते हैं
और आज़ादी मांगो तो
मुस्कुराते हुए
अंगूठा
दिखा देते हैं....
1 comment:
Udan Tashtari
July 29, 2010 at 5:27 PM
बढ़िया....
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बढ़िया....
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