रचना संसार
मेरे शब्दों का संसार .....
Saturday, July 24, 2010
परिवर्तन
घिरे हो क्यों अंधेरों से
सलाखें तोड़ कर निकलो !
उजालों की कमी क्या है
दिशा बदलो, दशा बदलो !!
अकेले तुम नहीं रण में
उठो, इतिहास रच डालो !
सही अब भी बहुत कुछ है
दिशा बदलो, दशा बदलो !!
1 comment:
Sunil Kumar
July 24, 2010 at 4:55 AM
उजालों की कमी क्या है
दिशा बदलो, दशा बदलो !!
sundar atisundar badhai
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उजालों की कमी क्या है
ReplyDeleteदिशा बदलो, दशा बदलो !!
sundar atisundar badhai